खाना पचाने के आयुर्वेदिक नुस्खे
भोजन न पचने के कारण और उपाय
भोजन न पचने के कारण---
इस रोग में भूख नहीं लगती, खट्टी -खट्टी डकारें आती हैं तथा सिर में भारीपन रहता है। कभी-कभी चक्कर आते हैं। जी मिचलाना ,
पेट फूलना ,दिल की धड़कन बढ़ना ,मुँह में
पानी भर जाने ,खाने -पीने इच्छा ना होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं। कब्ज़ ,बदहजमी,शरीर में भारीपन ,सुस्ती जीभ पर मैल
आदि की शिकायतें हो जाती हैं। यदि रोग पुराना हो जाए तो पेट में वायु की गुड़गुड़ाहट होती है| शारीरिक वजन कम हो जाता है|
पाचन क्रिया ठीक करने के घरेलू उपाय---
👉नींबू के रस में जायफल मिलाकर चाटे।
👉दालचीनी ,सौंठ तथा लाल इलायची ---तीनों को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। इसे भोजन से पहले 2 ग्राम की मात्रा में
👉पिसा हुआ सूखा धनिया 3 ग्राम तथा तथा सोंठ का चूर्ण 3 ग्राम--- दोनों को सौ ग्राम गर्म पानी के साथ ले।
👉सेंधा नमक ,सौंठ तथा हरीतकी -- तीनों चीजें बराबर की मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें दोनों समय 3 - 3 ग्राम चूर्ण ताजे पानी
के साथ लें।
👉पीपल का चूर्ण 3 ग्राम प्रतिदिन शहद के साथ सेवन करें।
👉छोटी हरड़ को घी में भूनकर काले नमक के साथ पीस लें। दो चुटकी चूर्ण नित्य दो बार पानी के साथ खाएं।
👉 काला जीरा ,राई तथा गुड़ --तीनों बराबर की मात्रामें पीसकर बेर के बराबर गोलियां बना लें| एक- एक गोली सुबह-शाम
पानी के साथ सेवन करें।
👉आधा चम्मच पपीते के रस में जरा सी चीनी मिलाकर लेने से अजीर्ण खत्म हो जाता है|
👉दो चम्मच प्याज के रस में जरा सा काला नमक मिलाकर सुबह के समय ग्रहण करें।
👉मूली का रस आधा चम्मच ,नींबू का रस आधा चम्मच, नमक एक चुटकी ,काली मिर्च चार और अजवायन का चूर्ण 2 चुटकी --
सब को मिलाकर भोजन के बाद खाएं|👉दो लौंग ,दो हरड़ ,तथा दो चुटकी काला नमक ---इन तीनों को एक कप पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो काढ़े को
छान कर पी जाएं।
👉 एक चम्मच अदरक के रस में थोड़ा-सा नींबू का रस मिलाकर पीने से भोजन ठीक से पच जाता है।
पाचन क्रिया को ठीक करने के आयुर्वेदिक उपाय---
👉सोंठ, कालीमिर्च, पीपल, अजवाइन ,सेंधा नमक, सादा जीरा तथा काला जीरा ,सौंफ 10 ग्राम पीसकर चूर्ण बना लें। आधा
चम्मच चूर्ण घी के साथ सेवन करें।
👉 अजमोद ,बॉयबड़िंग, सेधा नमक, देवदारू, चित्रक जड़ की छाल, पीपरामूल ,पीपल ,सौंफ तथा कालीमिर्च 10 -10 ग्राम ,
बड़ी हरड़ 50 ग्राम, विधारा तथा सौफ सौ- सौ ग्राम--- सबको पीसकर 200 ग्राम गुड़ मिलाकर बेर के बराबर छोटी-छोटी गोलियां
बना लें एक गोली सुबह दूध के साथ लें।
👉मुलहठी का चूर्ण 100 ग्राम ,सोंठ का चूर्ण 100 ग्राम और गुलाब केसूखे फूल 5 ग्राम--- तीनों
को एक कप पानी में डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो उतार कर छान लें। रात को गुनगुना करके पी जाएं।
👉अजवाइन,बॉयबड़िंग,निशोथ , सौंफ , काला नमक तथा छोटी हरड़ 10 -10 ग्राम,काला दाना 50 ग्राम और सनाय 35 ग्राम
सबको पीस कर रख लें। रात को सोते समय एक चम्मच चूर्ण पानी के साथ खाएं।
👉सनाय की पत्ती डंठलरहित 50 ग्राम और सौंफ 100 ग्राम ,और बूरा 200 ग्राम ---तीनों को
पीसकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच चूर्ण गुनगुने पानी से सेवन करें।
पाचन संबंधी ध्यान देने योग्य बातें---
👉भोजन से पहले सिरके की चटनी अदरक का मुरब्बा या पुदीने की चटनी खिलाएं।
👉 कच्चे नारियल की गिरी नारियल का जल चोकर की रोटी ,पुराने चावल का ताजा भात तथा कच्चे पपीते की सब्जी खाएं👉 हरी सब्जियों,पके फलों , मेवा तथा दूध का सेवन उचित मात्रा में करें
👉 रोगी को मानसिक डर, उत्तेजना, क्रोध ,शोक और चिंता आदि से दूर रखें उसे यथासंभव शांत चित्त रहना
चाहिए। यदि पेट में भारीपन मालूम पड़े तो खाना ना खाएं।
👉 सुबह शाम टहले या हल्का व्यायाम करें






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