भूख बढ़ाने के आयुर्वेदिक नुस्खे
भूख ना लगने के कारण और उपाय
भूख ना लगने के कारण---
भोजन करने की इच्छा ना होने के कई कारण है |यह रोग चिंता ,भ्रम ,घबराहट ,
क्रोध ,ईर्ष्या -द्वेष तथा कब्ज, खसरा ,
निमोनिया चेचक, मलेरिया ,अनिद्रा, अमाशय में दर्द ,कैंसर ,आंतों में किसी प्रकार का दर्द एवं
जिगर की खराबी आदि के कारण हो जाता है।
भूख ना लगने के लक्षण---
भूख ना लगने पर कुछ भी खाने की इच्छा नहीं होती। बेचैनी तथा उदासी छाई रहती है। मुंह
का स्वाद बिगड़ जाता है। वस्तु को देख कर मन में वितृष्णा उत्पन्न हो जाती है।क्योंकि पाचन संस्थान में
गड़बड़ी होती है अतः भोजन से मन हट जाता है।ना खाने के कारण भूख कम हो जाती है तथा शरीर में
कमजोरी आ जाती है।
भूख ना लगने पर किए जाने वाले घरेलू उपाय---
👉छोटी हरड़ को देसी घी में भून पीस लें| फिर उसमें जरा सा काला नमक मिलाकर एक चुटकी चूर्ण भोजन के बाद ग्रहण करें।
👉एक चम्मच अदरक का रस और दो कालीमिर्च का चूर्ण ---दोनों को शहद में मिलाकर सेवन करें।
👉पीपल का चूर्ण नित्य शहद के साथ चाटे।
👉काला जीरा, गुड़, राई,अदरक तथा नींबू का रस इन सब की चटनी बनाकर सुबह-शाम खाएं।
👉तुलसी के पत्तों का रस एक चम्मच,अदरक का रस एक चम्मच तथा दो काली मिर्च का चूर्ण--- तीनों चीजें शहद में मिलाकर सेवन करें।
👉सेंधा नमक, सौंठ, तथा हरीतिकी---सब बराबर की मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। 3 ग्राम चूर्ण प्रतिदिन दोपहर के भोजन के बाद खाएं।
👉दालचीनी,सौंठ तथा लाल इलायची---तीनों 10-10 ग्राम कूट पीसकर चूर्ण बना लें। इसमें से 2 ग्राम चूर्ण जल के साथ ले।
👉धनिए का चूर्ण 100 ग्राम तथा सोंठ का चूर्ण 100 ग्राम दोनों को मिलाकर एक शीशी में रख लें| प्रतिदिन 3 ग्राम चूर्ण एक कप पानी में उबालकर उसका काढ़ा पिएं।
👉प्रतिदिन भोजन से पहले अदरक की एक छोटी गांठ चबाकर खाएं।
👉तीन काली मिर्च, 3 लौंग, 10 पत्तियां नीम और एक चुटकी काला नमक----इन सब को पीसकर चूर्ण बना लें।प्रतिदिन दो चुटकी चूर्ण खाना खाने से पहले ठंडे पानी के साथ सेवन करें।
👉एक चम्मच कच्चे पपीते का दूध चीनी के साथ चाटे।
👉अदरक के रस में आधा नींबू निचोड़े और 2 लौंग तथा जरा सा नमक पीसकर मिला लें।यह नुस्खा नित्य सुबह-शाम लें।
👉मूली के रस में पिसी मिश्री मिलाकर नित्य सुबह- शाम चाटे।
👉सेंकी हुई हींग का चूर्ण आधा चुटकी, जीरे का चूर्ण आधा चम्मच, सौंठ आधा चम्मच तथा सेंधा नमक एक चुटकी---इन्हे दोपहर के भोजन के बाद खाएं।
👉एक कप पानी में दो चम्मच जीरा उबाले। इसे छानकर पी जाएं।
👉दही या छाछ में भुना हुआ जीरा नमक तथा काली मिर्च का चूर्ण डालकर सेवन करें।
👉प्याज काट कर उस पर नींबू का रस निचोड़ दें फिर इसे चबाकर खाएं।
👉गन्ने के सिरके में थोड़ी सी अदरक, एक पोथी लहसुन और जरा सा काला नमक पीसकर मिला लें। इसका सेवन सुबह शाम करें। भूख लगनी शुरू हो जाएगी
👉3 ग्राम अजवाइन का तेल 50 ग्राम जल में डालकर पिए।
👉धनिया और मिश्री का काढ़ा पीने से भूख ना लगने की शिकायत दूर हो जाती है।
👉टमाटर के रस में सेंधा नमक तथा काली मिर्च मिलाकर सेवन करें।
भूख ना लगने पर किए जाने वाले आयुर्वेदिक उपाय---
👉सौंठ , पीपल ,काली मिर्च और आंवला---चारों 10-10 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें। प्रतिदिन सुबह-शाम भोजन से पहले ठंडे पानी के साथ इसका सेवन करें।
👉शंख भस्म 1 ग्राम और सोंठ का चूर्ण आधा ग्राम--दोनों को शहद में मिलाकर दिन में 4 बार चाटे।
👉पीपरामूल , जवाखार ,सज्जी कार और पांचों नमक---सबको पीसकर 3 ग्राम की मात्रा में नींबू के रस में मिलाकर सुबह-शाम चाटे।
👉गर्म दूध में अरंड का तेल मिलाकर पीने से अरुचि का रोग खत्म हो जाता है|
👉देवदारू, ढाक ,आक की जड़ ,गजपीपल, सहिजन और असगंध ---सबको बराबर की मात्रा में लेकर गोमूत्र में पीस डालें। फिर पेट पर इसका लेप करें। भूख को बढ़ाने में यह बहुत गुणकारी है।
👉इंद्रायण, शंखाहुली , दंती तथा नीली ---इन्हें पानी में पीसकर आधे चम्मच की मात्रा में चटाए।
👉नारायण चूर्ण, नाराच रस, और इच्छाभेदी रस---इनमें से कोई एक दवा रात को सोते समय सेवन करें।
भूख ना लगने पर ध्यान देने योग्य बातें---
👉रोग के मूल कारण का पता लगाएं। भय, क्रोध चिंता तथा शोक आदि से रोगी को बचाएं।
👉व्यर्थ के अपवादों से अपने आप को बचाएं ताकि मानसिक शांति मिले।
👉मिर्च- मसालेदार पदार्थ, बासी भोजन ,देर से पचने वाली कड़ी चीजें तथा बासी पानी का सेवन ना करें।
👉वायु बनाने वाली चीजें न खाएं।
👉गेहूं की सादी रोटी ,तोरी ,टिंडा, परवल ,पालक ,मेथी ,मूली, टमाटर आदि का सेवन करें।
👉बेसन तथा मैदा की चीजें ना खाएं। घी -तेल में तली चीजों का सेवन ना करें।
👉पपीता ,केला, सेब ,चीकू, नींबू ,ककड़ी, खरबूजा आदि खाएं।
👉नित्य प्रातः काल टहलें। दोपहर के भोजन के बाद आराम करें तथा शाम के भोजन के बाद टहलें।
👉सूर्योदय से पूर्व नित्य स्नान करें। स्नान से पहले मालिश करनी लाभदायक होती है।

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